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101
قُلِ انظُروا ماذا فِي السَّماواتِ وَالأَرضِ ۚ وَما تُغنِي الآياتُ وَالنُّذُرُ عَن قَومٍ لا يُؤمِنونَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

(ऐ रसूल) तुम कहा दो कि ज़रा देखों तो सही कि आसमानों और ज़मीन में (ख़ुदा की निशानियाँ क्या) क्या कुछ हैं (मगर सच तो ये है) और जो लोग ईमान नहीं क़ुबूल करते उनको हमारी निशानियाँ और डरावे कुछ भी मुफीद नहीं