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11
۞ وَلَو يُعَجِّلُ اللَّهُ لِلنّاسِ الشَّرَّ استِعجالَهُم بِالخَيرِ لَقُضِيَ إِلَيهِم أَجَلُهُم ۖ فَنَذَرُ الَّذينَ لا يَرجونَ لِقاءَنا في طُغيانِهِم يَعمَهونَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और जिस तरह लोग अपनी भलाई के लिए जल्दी कर बैठे हैं उसी तरह अगर ख़ुदा उनकी शरारतों की सज़ा में बुराई में जल्दी कर बैठता है तो उनकी मौत उनके पास कब की आ चुकी होती मगर हम तो उन लोगों को जिन्हें (मरने के बाद) हमारी हुज़ूरी का खटका नहीं छोड़ देते हैं कि वह अपनी सरकशी में आप सरग़िरदा रहें