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34
قُل هَل مِن شُرَكائِكُم مَن يَبدَأُ الخَلقَ ثُمَّ يُعيدُهُ ۚ قُلِ اللَّهُ يَبدَأُ الخَلقَ ثُمَّ يُعيدُهُ ۖ فَأَنّىٰ تُؤفَكونَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

(ऐ रसूल) उनसे पूछो तो कि तुम ने जिन लोगों को (ख़ुदा का) शरीक बनाया है कोई भी ऐसा है जो मख़लूकात को पहली बार पैदा करे फिर उन को (मरने के बाद) दोबारा ज़िन्दा करे (तो क्या जवाब देगें) तुम्ही कहो कि ख़ुदा ही पहले भी पैदा करता है फिर वही दोबारा ज़िन्दा करता है तो किधर तुम उल्टे जा रहे हो