You are here: Home » Chapter 10 » Verse 77 » Translation
← Sura 10 →
← Aya 77 →
77
قالَ موسىٰ أَتَقولونَ لِلحَقِّ لَمّا جاءَكُم ۖ أَسِحرٌ هٰذا وَلا يُفلِحُ السّاحِرونَ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

मूसा ने कहा, "क्या तुम सत्य के विषय में ऐसा कहते हो, जबकि यह तुम्हारे सामने आ गया है? क्या यह कोई जादू है? जादूगर तो सफल नहीं हुआ करते।"