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16
أُولٰئِكَ الَّذينَ لَيسَ لَهُم فِي الآخِرَةِ إِلَّا النّارُ ۖ وَحَبِطَ ما صَنَعوا فيها وَباطِلٌ ما كانوا يَعمَلونَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

मगर (हाँ) ये वह लोग हैं जिनके लिए आख़िरत में (जहन्नुम की) आग के सिवा कुछ नहीं और जो कुछ दुनिया में उन लोगों ने किया धरा था सब अकारत (बर्बाद) हो गया और जो कुछ ये लोग करते थे सब मिटियामेट हो गया