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38
وَيَصنَعُ الفُلكَ وَكُلَّما مَرَّ عَلَيهِ مَلَأٌ مِن قَومِهِ سَخِروا مِنهُ ۚ قالَ إِن تَسخَروا مِنّا فَإِنّا نَسخَرُ مِنكُم كَما تَسخَرونَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और नूह कश्ती बनाने लगे और जब कभी उनकी क़ौम के सरबर आवुरदा लोग उनके पास से गुज़रते थे तो उनसे मसख़रापन करते नूह (जवाब में) कहते कि अगर इस वक्त तुम हमसे मसखरापन करते हो तो जिस तरह तुम हम पर हँसते हो हम तुम पर एक वक्त हँसेगें