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5
أَلا إِنَّهُم يَثنونَ صُدورَهُم لِيَستَخفوا مِنهُ ۚ أَلا حينَ يَستَغشونَ ثِيابَهُم يَعلَمُ ما يُسِرّونَ وَما يُعلِنونَ ۚ إِنَّهُ عَليمٌ بِذاتِ الصُّدورِ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

(ऐ रसूल) देखो ये कुफ़्फ़ार (तुम्हारी अदावत में) अपने सीनों को (गोया) दोहरा किए डालते हैं ताकि ख़ुदा से (अपनी बातों को) छिपाए रहें (मगर) देखो जब ये लोग अपने कपड़े ख़ूब लपेटते हैं (तब भी तो) ख़ुदा (उनकी बातों को) जानता है जो छिपाकर करते हैं और खुल्लम खुल्ला करते हैं इसमें शक़ नहीं कि वह सीनों के भेद तक को खूब जानता है