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70
فَلَمّا رَأىٰ أَيدِيَهُم لا تَصِلُ إِلَيهِ نَكِرَهُم وَأَوجَسَ مِنهُم خيفَةً ۚ قالوا لا تَخَف إِنّا أُرسِلنا إِلىٰ قَومِ لوطٍ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

(और साथ खाने बैठें) फिर जब देखा कि उनके हाथ उसकी तरफ नहीं बढ़ते तो उनकी तरफ से बदगुमान हुए और जी ही जी में डर गए (उसको वह फरिश्ते समझे) और कहने लगे आप डरे नहीं हम तो क़ौम लूत की तरफ (उनकी सज़ा के लिए) भेजे गए हैं