You are here: Home » Chapter 12 » Verse 28 » Translation
← Sura 12 →
← Aya 28 →
28
فَلَمّا رَأىٰ قَميصَهُ قُدَّ مِن دُبُرٍ قالَ إِنَّهُ مِن كَيدِكُنَّ ۖ إِنَّ كَيدَكُنَّ عَظيمٌ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

फिर जब अज़ीजे मिस्र ने उनका कुर्ता पीछे से फटा हुआ देखा तो (अपनी औरत से) कहने लगा ये तुम ही लोगों के चलत्तर है उसमें शक़ नहीं कि तुम लोगों के चलत्तर बड़े (ग़ज़ब के) होते हैं