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37
قالَ لا يَأتيكُما طَعامٌ تُرزَقانِهِ إِلّا نَبَّأتُكُما بِتَأويلِهِ قَبلَ أَن يَأتِيَكُما ۚ ذٰلِكُما مِمّا عَلَّمَني رَبّي ۚ إِنّي تَرَكتُ مِلَّةَ قَومٍ لا يُؤمِنونَ بِاللَّهِ وَهُم بِالآخِرَةِ هُم كافِرونَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

यूसुफ ने कहा जो खाना तुम्हें (क़ैद ख़ाने से) दिया जाता है वह आने भी न पाएगा कि मै उसके तुम्हारे पास आने के क़ब्ल ही तुम्हे उसकी ताबीर बताऊँगा ये ताबीरे ख्वाब भी उन बातों के साथ है जो मेरे परवरदिगार ने मुझे तालीम फरमाई है मैं उन लोगों का मज़हब छोड़ बैठा हूँ जो ख़ुदा पर ईमान नहीं लाते और वह लोग आख़िरत के भी मुन्किर है