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64
قالَ هَل آمَنُكُم عَلَيهِ إِلّا كَما أَمِنتُكُم عَلىٰ أَخيهِ مِن قَبلُ ۖ فَاللَّهُ خَيرٌ حافِظًا ۖ وَهُوَ أَرحَمُ الرّاحِمينَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

ताकि हम (फिर) गल्ला लाए और हम उसकी पूरी हिफाज़त करेगें याक़ूब ने कहा मै उसके बारे में तुम्हारा ऐतबार नहीं करता मगर वैसा ही जैसा कि उससे पहले उसके मांजाए (भाई) के बारे में किया था तो ख़ुद उसका सबसे बेहतर हिफाज़त करने वाला है और वही सब से ज्यादा रहम करने वाला है