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76
فَبَدَأَ بِأَوعِيَتِهِم قَبلَ وِعاءِ أَخيهِ ثُمَّ استَخرَجَها مِن وِعاءِ أَخيهِ ۚ كَذٰلِكَ كِدنا لِيوسُفَ ۖ ما كانَ لِيَأخُذَ أَخاهُ في دينِ المَلِكِ إِلّا أَن يَشاءَ اللَّهُ ۚ نَرفَعُ دَرَجاتٍ مَن نَشاءُ ۗ وَفَوقَ كُلِّ ذي عِلمٍ عَليمٌ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

फिर उसके भाई की खुरजी से पहले उनकी ख़ुरजियाँ देखनी शुरू की; फिर उसके भाई की ख़ुरजी से उसे बरामद कर लिया। इस प्रकार हमने यूसुफ़ का उपाय किया। वह शाही क़ानून के अनुसार अपने भाई को प्राप्त नहीं कर सकता था। बल्कि अल्लाह ही की इच्छा लागू है। हम जिसको चाहे उसके दर्जे ऊँचे कर दें। और प्रत्येक ज्ञानवान से ऊपर एक ज्ञानवान मौजूद है