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5
۞ وَإِن تَعجَب فَعَجَبٌ قَولُهُم أَإِذا كُنّا تُرابًا أَإِنّا لَفي خَلقٍ جَديدٍ ۗ أُولٰئِكَ الَّذينَ كَفَروا بِرَبِّهِم ۖ وَأُولٰئِكَ الأَغلالُ في أَعناقِهِم ۖ وَأُولٰئِكَ أَصحابُ النّارِ ۖ هُم فيها خالِدونَ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

अब यदि तुम्हें आश्चर्य ही करना है तो आश्चर्य की बात तो उनका यह कहना है कि ,"क्या जब हम मिट्टी हो जाएँगे तो क्या हम नए सिरे से पैदा भी होंगे?" वही हैं जिन्होंने अपने रब के साथ इनकार की नीति अपनाई और वही है, जिनकी गर्दनों मे तौक़ पड़े हुए है और वही आग (में पड़ने) वाले है जिसमें उन्हें सदैव रहना है