You are here: Home » Chapter 14 » Verse 10 » Translation
← Sura 14 →
← Aya 10 →
10
۞ قالَت رُسُلُهُم أَفِي اللَّهِ شَكٌّ فاطِرِ السَّماواتِ وَالأَرضِ ۖ يَدعوكُم لِيَغفِرَ لَكُم مِن ذُنوبِكُم وَيُؤَخِّرَكُم إِلىٰ أَجَلٍ مُسَمًّى ۚ قالوا إِن أَنتُم إِلّا بَشَرٌ مِثلُنا تُريدونَ أَن تَصُدّونا عَمّا كانَ يَعبُدُ آباؤُنا فَأتونا بِسُلطانٍ مُبينٍ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

(तब) उनके पैग़म्बरों ने (उनसे) कहा क्या तुम को ख़ुदा के बारे में शक़ है जो सारे आसमान व ज़मीन का पैदा करने वाला (और) वह तुमको अपनी तरफ बुलाता भी है तो इसलिए कि तुम्हारे गुनाह माफ कर दे और एक वक्त मुक़र्रर तक तुमको (दुनिया में चैन से) रहने दे वह लोग बोल उठे कि तुम भी बस हमारे ही से आदमी हो (अच्छा) अब समझे तुम ये चाहते हो कि जिन माबूदों की हमारे बाप दादा परसतिश करते थे तुम हमको उनसे बाज़ रखो अच्छा अगर तुम सच्चे हो तो कोई साफ खुला हुआ सरीही मौजिज़ा हमे ला दिखाओ