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32
اللَّهُ الَّذي خَلَقَ السَّماواتِ وَالأَرضَ وَأَنزَلَ مِنَ السَّماءِ ماءً فَأَخرَجَ بِهِ مِنَ الثَّمَراتِ رِزقًا لَكُم ۖ وَسَخَّرَ لَكُمُ الفُلكَ لِتَجرِيَ فِي البَحرِ بِأَمرِهِ ۖ وَسَخَّرَ لَكُمُ الأَنهارَ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

वह अल्लाह ही है जिसने आकाशों और धरती की सृष्टि की और आकाश से पानी उतारा, फिर वह उसके द्वारा कितने ही पैदावार और फल तुम्हारी आजीविका के रूप में सामने लाया। और नौका को तुम्हारे काम में लगाया, ताकि समुद्र में उसके आदेश से चले और नदियों को भी तुम्हें लाभ पहुँचाने में लगाया