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18
إِلّا مَنِ استَرَقَ السَّمعَ فَأَتبَعَهُ شِهابٌ مُبينٌ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

मगर जो शैतान चोरी छिपे (वहाँ की किसी बात पर) कान लगाए तो यहाब का दहकता हुआ योला उसके (खदेड़ने को) पीछे पड़ जाता है