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33
قالَ لَم أَكُن لِأَسجُدَ لِبَشَرٍ خَلَقتَهُ مِن صَلصالٍ مِن حَمَإٍ مَسنونٍ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

वह (ढिठाई से) कहने लगा मैं ऐसा गया गुज़रा तो हूँ नहीं कि ऐसे आदमी को सजदा कर बैठूँ जिसे तूने सड़ी हुई खन खन बोलने वाली मिट्टी से पैदा किया है