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8
ما نُنَزِّلُ المَلائِكَةَ إِلّا بِالحَقِّ وَما كانوا إِذًا مُنظَرينَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

(हालॉकि) हम फरिश्तों को खुल्लम खुल्ला (जिस अज़ाब के साथ) फैसले ही के लिए भेजा करते हैं और (अगर फरिश्ते नाज़िल हो जाए तो) फिर उनको (जान बचाने की) मोहलत भी न मिले