You are here: Home » Chapter 16 » Verse 12 » Translation
← Sura 16 →
← Aya 12 →
12
وَسَخَّرَ لَكُمُ اللَّيلَ وَالنَّهارَ وَالشَّمسَ وَالقَمَرَ ۖ وَالنُّجومُ مُسَخَّراتٌ بِأَمرِهِ ۗ إِنَّ في ذٰلِكَ لَآياتٍ لِقَومٍ يَعقِلونَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

उसी ने तुम्हारे वास्ते रात को और दिन को और सूरज और चाँद को तुम्हारा ताबेए बना दिया है और सितारे भी उसी के हुक्म से (तुम्हारे) फरमाबरदार हैं कुछ शक़ ही नहीं कि (इसमें) समझदार लोगों के वास्ते यक़ीनन (कुदरत खुदा की) बहुत सी निशानियाँ हैं