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125
ادعُ إِلىٰ سَبيلِ رَبِّكَ بِالحِكمَةِ وَالمَوعِظَةِ الحَسَنَةِ ۖ وَجادِلهُم بِالَّتي هِيَ أَحسَنُ ۚ إِنَّ رَبَّكَ هُوَ أَعلَمُ بِمَن ضَلَّ عَن سَبيلِهِ ۖ وَهُوَ أَعلَمُ بِالمُهتَدينَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

(ऐ रसूल) तुम (लोगों को) अपने परवरदिगार की राह पर हिकमत और अच्छी अच्छी नसीहत के ज़रिए से बुलाओ और बहस व मुबाशा करो भी तो इस तरीक़े से जो लोगों के नज़दीक सबसे अच्छा हो इसमें शक़ नहीं कि जो लोग ख़ुदा की राह से भटक गए उनको तुम्हारा परवरदिगार खूब जानता है