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32
الَّذينَ تَتَوَفّاهُمُ المَلائِكَةُ طَيِّبينَ ۙ يَقولونَ سَلامٌ عَلَيكُمُ ادخُلُوا الجَنَّةَ بِما كُنتُم تَعمَلونَ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

जिनकी रूहों को फ़रिश्ते इस दशा में ग्रस्त करते है कि वे पाक और नेक होते है, वे कहते है, "तुम पर सलाम हो! प्रवेश करो जन्नत में उसके बदले में जो कुछ तुम करते रहे हो।"