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37
إِن تَحرِص عَلىٰ هُداهُم فَإِنَّ اللَّهَ لا يَهدي مَن يُضِلُّ ۖ وَما لَهُم مِن ناصِرينَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

(ऐ रसूल) अगर तुमको इन लोगों के राहे रास्त पर जाने का हौका है (तो बे फायदा) क्योंकि ख़ुदा तो हरगिज़ उस शख़्श की हिदायत नहीं करेगा जिसको (नाज़िल होने की वजह से) गुमराही में छोड़ देता है और न उनका कोई मददगार है