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16
وَإِذا أَرَدنا أَن نُهلِكَ قَريَةً أَمَرنا مُترَفيها فَفَسَقوا فيها فَحَقَّ عَلَيهَا القَولُ فَدَمَّرناها تَدميرًا

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और हमको जब किसी बस्ती का वीरान करना मंज़ूर होता है तो हम वहाँ के खुशहालों को (इताअत का) हुक्म देते हैं तो वह लोग उसमें नाफरमानियाँ करने लगे तब वह बस्ती अज़ाब की मुस्तहक़ होगी उस वक्त हमने उसे अच्छी तरह तबाह व बरबाद कर दिया