You are here: Home » Chapter 17 » Verse 21 » Translation
← Sura 17 →
← Aya 21 →
21
انظُر كَيفَ فَضَّلنا بَعضَهُم عَلىٰ بَعضٍ ۚ وَلَلآخِرَةُ أَكبَرُ دَرَجاتٍ وَأَكبَرُ تَفضيلًا

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

(ऐ रसूल) ज़रा देखो तो कि हमने बाज़ लोगों को बाज़ पर कैसी फज़ीलत दी है और आख़िरत के दर्जे तो यक़ीनन (यहाँ से) कहीं बढ़के है और वहाँ की फज़ीलत भी तो कैसी बढ़ कर है