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24
وَاخفِض لَهُما جَناحَ الذُّلِّ مِنَ الرَّحمَةِ وَقُل رَبِّ ارحَمهُما كَما رَبَّياني صَغيرًا

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और उनके सामने नियाज़ (रहमत) से ख़ाकसारी का पहलू झुकाए रखो और उनके हक़ में दुआ करो कि मेरे पालने वाले जिस तरह इन दोनों ने मेरे छोटेपन में मेरी मेरी परवरिश की है