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105
أُولٰئِكَ الَّذينَ كَفَروا بِآياتِ رَبِّهِم وَلِقائِهِ فَحَبِطَت أَعمالُهُم فَلا نُقيمُ لَهُم يَومَ القِيامَةِ وَزنًا

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

यही वह लोग हैं जिन्होंने अपने परवरदिगार की आयातों से और (क़यामत के दिन) उसके सामने हाज़िर होने से इन्कार किया तो उनका सब किया कराया अकारत हुआ तो हम उसके लिए क़यामत के दिन मीजान हिसाब भी क़ायम न करेंगे