You are here: Home » Chapter 18 » Verse 15 » Translation
← Sura 18 →
← Aya 15 →
15
هٰؤُلاءِ قَومُنَا اتَّخَذوا مِن دونِهِ آلِهَةً ۖ لَولا يَأتونَ عَلَيهِم بِسُلطانٍ بَيِّنٍ ۖ فَمَن أَظلَمُ مِمَّنِ افتَرىٰ عَلَى اللَّهِ كَذِبًا

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

अगर हम ऐसा करे तो यक़ीनन हमने अक़ल से दूर की बात कही (अफसोस एक) ये हमारी क़ौम के लोग हैं कि जिन्होनें ख़ुदा को छोड़कर (दूसरे) माबूद बनाए हैं (फिर) ये लोग उनके (माबूद होने) की कोई सरीही (खुली) दलील क्यों नहीं पेश करते और जो शख़्श ख़ुदा पर झूट बोहतान बाँधे उससे ज्यादा ज़ालिम और कौन होगा