You are here: Home » Chapter 18 » Verse 20 » Translation
← Sura 18 →
← Aya 20 →
20
إِنَّهُم إِن يَظهَروا عَلَيكُم يَرجُموكُم أَو يُعيدوكُم في مِلَّتِهِم وَلَن تُفلِحوا إِذًا أَبَدًا

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

यदि वे कहीं तुम्हारी ख़बर पा जाएँगे तो पथराव करके तुम्हें मार डालेंगे या तुम्हें अपने पंथ में लौटा ले जाएँगे और तब तो तुम कभी भी सफल न पो सकोगे।"