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50
وَإِذ قُلنا لِلمَلائِكَةِ اسجُدوا لِآدَمَ فَسَجَدوا إِلّا إِبليسَ كانَ مِنَ الجِنِّ فَفَسَقَ عَن أَمرِ رَبِّهِ ۗ أَفَتَتَّخِذونَهُ وَذُرِّيَّتَهُ أَولِياءَ مِن دوني وَهُم لَكُم عَدُوٌّ ۚ بِئسَ لِلظّالِمينَ بَدَلًا

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और (वह वक्त याद करो) जब हमने फ़रिश्तों को हुक्म दिया कि आदम को सजदा करो तो इबलीस के सिवा सबने सजदा किया (ये इबलीस) जिन्नात से था तो अपने परवरदिगार के हुक्म से निकल भागा तो (लोगों) क्या मुझे छोड़कर उसको और उसकी औलाद को अपना दोस्त बनाते हो हालॉकि वह तुम्हारा (क़दीमी) दुश्मन हैं ज़ालिमों (ने ख़ुदा के बदले शैतान को अपना दोस्त बनाया ये उन) का क्या बुरा ऐवज़ है