You are here: Home » Chapter 18 » Verse 67 » Translation
← Sura 18 →
← Aya 67 →
67
قالَ إِنَّكَ لَن تَستَطيعَ مَعِيَ صَبرًا

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

कि जो रहनुमाई का इल्म आपको है (ख़ुदा की तरफ से) सिखाया गया है उसमें से कुछ मुझे भी सिखा दीजिए खिज्र ने कहा (मै सिखा दूँगा मगर) आपसे मेरे साथ सब्र न हो सकेगा