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47
قالَ سَلامٌ عَلَيكَ ۖ سَأَستَغفِرُ لَكَ رَبّي ۖ إِنَّهُ كانَ بي حَفِيًّا

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

कहा, "सलाम है आपको! मैं आपके लिए रब से क्षमा की प्रार्थना करूँगा। वह तो मुझपर बहुत मेहरबान है