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126
وَإِذ قالَ إِبراهيمُ رَبِّ اجعَل هٰذا بَلَدًا آمِنًا وَارزُق أَهلَهُ مِنَ الثَّمَراتِ مَن آمَنَ مِنهُم بِاللَّهِ وَاليَومِ الآخِرِ ۖ قالَ وَمَن كَفَرَ فَأُمَتِّعُهُ قَليلًا ثُمَّ أَضطَرُّهُ إِلىٰ عَذابِ النّارِ ۖ وَبِئسَ المَصيرُ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

और याद करो जब इबराहीम ने कहा, "ऐ मेरे रब! इसे शान्तिमय भू-भाग बना दे और इसके उन निवासियों को फलों की रोज़ी दे जो उनमें से अल्लाह और अन्तिम दिन पर ईमान लाएँ।" कहा, "और जो इनकार करेगा थोड़ा फ़ायदा तो उसे भी दूँगा, फिर उसे घसीटकर आग की यातना की ओर पहुँचा दूँगा और वह बहुत-ही बुरा ठिकाना है!"