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272
۞ لَيسَ عَلَيكَ هُداهُم وَلٰكِنَّ اللَّهَ يَهدي مَن يَشاءُ ۗ وَما تُنفِقوا مِن خَيرٍ فَلِأَنفُسِكُم ۚ وَما تُنفِقونَ إِلَّا ابتِغاءَ وَجهِ اللَّهِ ۚ وَما تُنفِقوا مِن خَيرٍ يُوَفَّ إِلَيكُم وَأَنتُم لا تُظلَمونَ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

उन्हें मार्ग पर ला देने का दायित्व तुम पर नहीं है, बल्कि अल्लाह ही जिसे चाहता है मार्ग दिखाता है। और जो कुछ भी माल तुम ख़र्च करोगे, वह तुम्हारे अपने ही भले के लिए होगा और तुम अल्लाह के (बताए हुए) उद्देश्य के अतिरिक्त किसी और उद्देश्य से ख़र्च न करो। और जो माल भी तुम्हें तुम ख़र्च करोगे, वह पूरा-पूरा तुम्हें चुका दिया जाएगा और तुम्हारा हक़ न मारा जाएगा