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58
وَإِذ قُلنَا ادخُلوا هٰذِهِ القَريَةَ فَكُلوا مِنها حَيثُ شِئتُم رَغَدًا وَادخُلُوا البابَ سُجَّدًا وَقولوا حِطَّةٌ نَغفِر لَكُم خَطاياكُم ۚ وَسَنَزيدُ المُحسِنينَ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

और जब हमने कहा था, "इस बस्ती में प्रवेश करो फिर उसमें से जहाँ से चाहो जी भर खाओ, और बस्ती के द्वार में सजदागुज़ार बनकर प्रवेश करो और कहो, "छूट हैं।" हम तुम्हारी खताओं को क्षमा कर देंगे और अच्छे से अच्छा काम करनेवालों पर हम और अधिक अनुग्रह करेंगे।"