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96
وَلَتَجِدَنَّهُم أَحرَصَ النّاسِ عَلىٰ حَياةٍ وَمِنَ الَّذينَ أَشرَكوا ۚ يَوَدُّ أَحَدُهُم لَو يُعَمَّرُ أَلفَ سَنَةٍ وَما هُوَ بِمُزَحزِحِهِ مِنَ العَذابِ أَن يُعَمَّرَ ۗ وَاللَّهُ بَصيرٌ بِما يَعمَلونَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और (ऐ रसूल) तुम उन ही को ज़िन्दगी का सबसे ज्यादा हरीस पाओगे और मुशरिक़ों में से हर एक शख्स चाहता है कि काश उसको हज़ार बरस की उम्र दी जाती हालाँकि अगर इतनी तूलानी उम्र भी दी जाए तो वह ख़ुदा के अज़ाब से छुटकारा देने वाली नहीं, और जो कुछ वह लोग करते हैं खुदा उसे देख रहा है