You are here: Home » Chapter 20 » Verse 58 » Translation
← Sura 20 →
← Aya 58 →
58
فَلَنَأتِيَنَّكَ بِسِحرٍ مِثلِهِ فَاجعَل بَينَنا وَبَينَكَ مَوعِدًا لا نُخلِفُهُ نَحنُ وَلا أَنتَ مَكانًا سُوًى

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

कि हम को हमारे मुल्क (मिस्र से) अपने जादू के ज़ोर से निकाल बाहर करो अच्छा तो (रहो) हम भी तुम्हारे सामने ऐसा जादू पेश करते हैं फिर तुम अपने और हमारे दरमियान एक वक्त मुक़र्रर करो कि न हम उसके ख़िलाफ करे और न तुम और मुक़ाबला एक साफ़ खुले मैदान में हो