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71
قالَ آمَنتُم لَهُ قَبلَ أَن آذَنَ لَكُم ۖ إِنَّهُ لَكَبيرُكُمُ الَّذي عَلَّمَكُمُ السِّحرَ ۖ فَلَأُقَطِّعَنَّ أَيدِيَكُم وَأَرجُلَكُم مِن خِلافٍ وَلَأُصَلِّبَنَّكُم في جُذوعِ النَّخلِ وَلَتَعلَمُنَّ أَيُّنا أَشَدُّ عَذابًا وَأَبقىٰ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

उसने कहा, "तुमने मान लिया उसको, इससे पहले कि मैं तुम्हें इसकी अनुज्ञा देता? निश्चय ही यह तुम सबका प्रमुख है, जिसने जादू सिखाया है। अच्छा, अब मैं तुम्हारा हाथ और पाँव विपरीत दिशाओं से कटवा दूँगा और खंजूर के तनों पर तुम्हें सूली दे दूँगा। तब तुम्हें अवश्य ही मालूम हो जाएगा कि हममें से किसकी यातना अधिक कठोर और स्थायी है!"