You are here: Home » Chapter 22 » Verse 61 » Translation
← Sura 22 →
← Aya 61 →
61
ذٰلِكَ بِأَنَّ اللَّهَ يولِجُ اللَّيلَ فِي النَّهارِ وَيولِجُ النَّهارَ فِي اللَّيلِ وَأَنَّ اللَّهَ سَميعٌ بَصيرٌ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

बेशक खुदा बड़ा माफ करने वाला बख़शने वाला है ये (मदद) इस वजह से दी जाएगी कि खुदा (बड़ा क़ादिर है वही) तो रात को दिन में दाख़िल करता है और दिन को रात में दाख़िल करता है और इसमें भी शक नहीं कि खुदा सब कुछ जानता है