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14
ثُمَّ خَلَقنَا النُّطفَةَ عَلَقَةً فَخَلَقنَا العَلَقَةَ مُضغَةً فَخَلَقنَا المُضغَةَ عِظامًا فَكَسَونَا العِظامَ لَحمًا ثُمَّ أَنشَأناهُ خَلقًا آخَرَ ۚ فَتَبارَكَ اللَّهُ أَحسَنُ الخالِقينَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

फिर हम ही ने नुतफ़े को जमा हुआ ख़ून बनाया फिर हम ही ने मुनजमिद खून को गोश्त का लोथड़ा बनाया हम ही ने लोथडे क़ी हड्डियाँ बनायीं फिर हम ही ने हड्डियों पर गोश्त चढ़ाया फिर हम ही ने उसको (रुह डालकर) एक दूसरी सूरत में पैदा किया तो (सुबहान अल्लाह) ख़ुदा बा बरकत है जो सब बनाने वालो से बेहतर है