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42
إِن كادَ لَيُضِلُّنا عَن آلِهَتِنا لَولا أَن صَبَرنا عَلَيها ۚ وَسَوفَ يَعلَمونَ حينَ يَرَونَ العَذابَ مَن أَضَلُّ سَبيلًا

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

अगर बुतों की परसतिश पर साबित क़दम न रहते तो इस शख्स ने हमको हमारे माबूदों से बहका दिया था और बहुत जल्द (क़यामत में) जब ये लोग अज़ाब को देखेंगें तो उन्हें मालूम हो जाएगा कि राहे रास्त से कौन ज्यादा भटका हुआ था