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62
وَهُوَ الَّذي جَعَلَ اللَّيلَ وَالنَّهارَ خِلفَةً لِمَن أَرادَ أَن يَذَّكَّرَ أَو أَرادَ شُكورًا

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और वही तो वह (ख़ुदा) है जिसने रात और दिन (एक) को (एक का) जानशीन बनाया (ये) उस के (समझने के) लिए है जो नसीहत हासिल करना चाहे या शुक्र गुज़ारी का इरादा करें