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20
وَتَفَقَّدَ الطَّيرَ فَقالَ ما لِيَ لا أَرَى الهُدهُدَ أَم كانَ مِنَ الغائِبينَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और सुलेमान ने परिन्दों (के लश्कर) की हाज़िरी ली तो कहने लगे कि क्या बात है कि मै हुदहुद को (उसकी जगह पर) नहीं देखता क्या (वाक़ई में) वह कही ग़ायब है