You are here: Home » Chapter 27 » Verse 77 » Translation
← Sura 27 →
← Aya 77 →
77
وَإِنَّهُ لَهُدًى وَرَحمَةٌ لِلمُؤمِنينَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और इसमें भी शक नहीं कि ये कुरान ईमानदारों के वास्ते अज़सरतापा हिदायत व रहमत है