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27
قالَ إِنّي أُريدُ أَن أُنكِحَكَ إِحدَى ابنَتَيَّ هاتَينِ عَلىٰ أَن تَأجُرَني ثَمانِيَ حِجَجٍ ۖ فَإِن أَتمَمتَ عَشرًا فَمِن عِندِكَ ۖ وَما أُريدُ أَن أَشُقَّ عَلَيكَ ۚ سَتَجِدُني إِن شاءَ اللَّهُ مِنَ الصّالِحينَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

(और इनमें दोनों बातें पायी जाती हैं तब) शुएब ने कहा मै चाहता हूँ कि अपनी दोनों लड़कियों में से एक के साथ तुम्हारा इस (महर) पर निकाह कर दूँ कि तुम आठ बरस तक मेरी नौकरी करो और अगर तुम दस बरस पूरे कर दो तो तुम्हारा एहसान और मै तुम पर मेहनत मशक्क़त भी डालना नही चाहता और तुम मुझे इन्शा अल्लाह नेको कार आदमी पाओगे