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17
إِنَّما تَعبُدونَ مِن دونِ اللَّهِ أَوثانًا وَتَخلُقونَ إِفكًا ۚ إِنَّ الَّذينَ تَعبُدونَ مِن دونِ اللَّهِ لا يَملِكونَ لَكُم رِزقًا فَابتَغوا عِندَ اللَّهِ الرِّزقَ وَاعبُدوهُ وَاشكُروا لَهُ ۖ إِلَيهِ تُرجَعونَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

(मगर) तुम लोग तो ख़ुदा को छोड़कर सिर्फ बुतों की परसतिश करते हैं और झूठी बातें (अपने दिल से) गढ़ते हो इसमें तो शक ही नहीं कि ख़ुदा को छोड़कर जिन लोगों की तुम परसतिश करते हो वह तुम्हारी रोज़ी का एख्तेयार नही रखते-बस ख़ुदा ही से रोज़ी भी माँगों और उसकी इबादत भी करो उसका शुक्र करो (क्योंकि) तुम लोग (एक दिन) उसी की तरफ लौटाए जाओगे