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19
أَوَلَم يَرَوا كَيفَ يُبدِئُ اللَّهُ الخَلقَ ثُمَّ يُعيدُهُ ۚ إِنَّ ذٰلِكَ عَلَى اللَّهِ يَسيرٌ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

बस क्या उन लोगों ने इस पर ग़ौर नहीं किया कि ख़ुदा किस तरह मख़लूकात को पहले पहल पैदा करता है और फिर उसको दोबारा पैदा करेगा ये तो ख़ुदा के नज़दीक बहुत आसान बात है