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33
وَلَمّا أَن جاءَت رُسُلُنا لوطًا سيءَ بِهِم وَضاقَ بِهِم ذَرعًا وَقالوا لا تَخَف وَلا تَحزَن ۖ إِنّا مُنَجّوكَ وَأَهلَكَ إِلَّا امرَأَتَكَ كانَت مِنَ الغابِرينَ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

जब यह हुआ कि हमारे भेजे हुए लूत के पास आए तो उनका आना उसे नागवार हुआ और उनके प्रति दिल को तंग पाया। किन्तु उन्होंने कहा, "डरो मत और न शोकाकुल हो। हम तुम्हें और तुम्हारे घरवालों को बचा लेंगे सिवाय तुम्हारी स्त्री के। वह पीछे रह जानेवालों में से है