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106
يَومَ تَبيَضُّ وُجوهٌ وَتَسوَدُّ وُجوهٌ ۚ فَأَمَّا الَّذينَ اسوَدَّت وُجوهُهُم أَكَفَرتُم بَعدَ إيمانِكُم فَذوقُوا العَذابَ بِما كُنتُم تَكفُرونَ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

जिस दिन कितने ही चेहरे उज्ज्वल होंगे और कितने ही चेहरे काले पड़ जाएँगे, तो जिनके चेहेर काले पड़ गए होंगे (वे सदा यातना में ग्रस्त रहेंगे। खुली निशानियाँ आने का बाद जिन्होंने विभेद किया) उनसे कहा जाएगा, "क्या तुमने ईमान के पश्चात इनकार की नीति अपनाई? तो लो अब उस इनकार के बदले में जो तुम करते रहे हो, यातना का मज़ा चखो।"