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120
إِن تَمسَسكُم حَسَنَةٌ تَسُؤهُم وَإِن تُصِبكُم سَيِّئَةٌ يَفرَحوا بِها ۖ وَإِن تَصبِروا وَتَتَّقوا لا يَضُرُّكُم كَيدُهُم شَيئًا ۗ إِنَّ اللَّهَ بِما يَعمَلونَ مُحيطٌ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

(ऐ ईमानदारों) अगर तुमको भलाई छू भी गयी तो उनको बुरा मालूम होता है और जब तुमपर कोई भी मुसीबत पड़ती है तो वह ख़ुश हो जाते हैं और अगर तुम सब्र करो और परहेज़गारी इख्तेयार करो तो उनका फ़रेब तुम्हें कुछ भी ज़रर नहीं पहुंचाएगा (क्योंकि) ख़ुदा तो उनकी कारस्तानियों पर हावी है