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142
أَم حَسِبتُم أَن تَدخُلُوا الجَنَّةَ وَلَمّا يَعلَمِ اللَّهُ الَّذينَ جاهَدوا مِنكُم وَيَعلَمَ الصّابِرينَ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

क्या तुमने यह समझ रखा है कि जन्नत में यूँ ही प्रवेश करोगे, जबकि अल्लाह ने अभी उन्हें परखा ही नहीं जो तुममें जिहाद (सत्य-मार्ग में जानतोड़ कोशिश) करनेवाले है। - और दृढ़तापूर्वक जमें रहनेवाले है